खाटू में श्री श्याम विराजे सालासर बजरंगी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन खाटू श्याम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

खाटू में श्री श्याम विराजे सालासर बजरंगी,

हमने तो ये देख लिया दोनों भक्तों के संगी,

बोलो हैं ना, हैं ना हैं ना,

खाटू में श्री श्याम विराजे ................।

श्याम सलोना खाटूवाला देव बड़ा मतवाला,

निर्भय कर देता बजरंगी माँ अंजनी का लाला,

एक मस्ती बरसावे दूजा उसे बढ़ावे,

श्याम द्वार पर भजन करें नित बाला बन सत्संगी,

बोलो हैं ना, हैं ना हैं ना,

खाटू में श्री श्याम विराजे ................।

भक्तों की हिट श्याम प्रभु हैं जो भी हुक्म सुनाते

तन मन से बजरंगी उसको पूरा है करवाते

एक सेवक एक स्वामी दोनों अन्तर्यामी

दोनों मिलकर दुष्टों की गत कर देते बदरँगी

बोलो हैं ना, हैं ना हैं ना,

खाटू में श्री श्याम विराजे ................।

लखदातारी शीश का दानी भरता है भंडारे

बजरंगी बाला भक्तों की बिगड़ी बात सँवारे

अन्न धन श्याम लुटाता हनुमत उसे बढ़ाता

तीन बाण और गदा के आके ठहरे ना कोई दंगी

बोलो हैं ना, हैं ना हैं ना,

खाटू में श्री श्याम विराजे ................।

तीन बाण की महाभारत में लीला श्याम दिखाई

लंका जाकर बजरंगी ने अपनी गदा घुमाई

दोनों सुख के दाता अपने भाग्य विधाता

श्याम कृष्णा अवतारी बाला हैं अवतार भुजंगी

बोलो हैं ना, हैं ना हैं ना,

खाटू में श्री श्याम विराजे ................।

एक होली भक्तों संग खेले दूजा संग में नाचे

इसमें कोई भी नहीं शंका पर दोनों हैं सांचे

एक दिया एक बाती जोड़ी ये मन भाती

श्याम सुन्दर सुमिरांग कर ले जीवन में रहे ना तंगी

बोलो हैं ना, हैं ना हैं ना,

खाटू में श्री श्याम विराजे ................।

खाटू में श्री श्याम विराजे सालासर बजरंगी,

हमने तो ये देख लिया दोनों भक्तों के संगी,

बोलो हैं ना, हैं ना हैं ना,

खाटू में श्री श्याम विराजे ................।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।