झूमे दुनिया ख़ुशी में आज

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

झूमे दुनिया ख़ुशी में आज,

मैया का नवराता आ गया,

झूमे दुनिया ख़ुशी में आज,

मैया का नवराता आ गया,

मैया का नवराता आ गया,

झूमे दुनिया ख़ुशी में आज,

मैया का नवराता आ गया.....

आँगन में अपने तुमको बुलाया है,

ज्योति जगाई नारियल,

चुनरी चढ़ाया है,

आके कर लो.. ये भेंटे स्वीकार,

मैया का नवराता आ गया,

आके कर लो.. ये भेंटे स्वीकार,

मैया का नवराता आ गया.....

नौ रूप लेकर मेरी,

मैया रानी आई है,

रिद्धि सिद्धि संग में,

अपने खुशिया भी लायी है,

बड़ा प्यारा सजा है दरबार,

मैया का नवराता आ गया...

झोली पसारे हम तुझको निहारे हैं,

कृपा की तेरे मैया हम सब सहारे हैं,

मै भी आया विकास आया,

‘विकास’ आया पाने मैया का प्यार,

मैया का नवराता आ गया,

हम आये मैया का पाने प्यार,

झूमे दुनिया ख़ुशी में आज,

मैया का नवराता आ गया,

झूमे दुनिया ख़ुशी में आज,

मैया का नवराता आ गया......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।