मोरी मैया के भुवन सजे आज

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मोरी मैया के भुवन सजे आज,

मोरी मैया के भुवन सजे आज,

नौबत बाज रही..

मोरी मैया के भुवन सजे आज,

मोरी मैया के भुवन सजे आज,

नौबत बाज रही..

तू ही दुखियों की सरकार,

नौबत बाज रही..

मोरी मैया... मोरी मैया,

मोरी मैया के भुवन सजे आज,

नौबत बाज रही.......

शरण तुम्हारी आन पड़े रखियो मोरी लाज,

शरण तुम्हारी आन पड़े रखियो मोरी लाज,

करुणामयी करुना करो,

किरपा करके आज,

मोरी मैया... मोरी मैया,

मोरी मैया के भुवन सजे आज,

नौबत बाज रही.......

जब जब पापी दुष्ट बढे बढ्यो है अत्याचार,

जब जब पापी दुष्ट बढे बढ्यो है अत्याचार,

हे महामाया आपने..

हे महामाया आपने लीन्हा है अवतार,

मोरी मैया... मोरी मैया,

मोरी मैया के भुवन सजे आज,

नौबत बाज रही.......

रूप मनोहर आपका छवि ना वरनी जाये,

रूप मनोहर आपका छवि ना वरनी जाये,

झोली उसकी भर गयी..

झोली उसकी भर गयी जो जन आस लगाये,

मोरी मैया... मोरी मैया,

मोरी मैया के भुवन सजे आज,

नौबत बाज रही.......

तुम्हारे नाम से मैया मेरे हर काम होता है,

तुम्हारे नाम से मैया मेरे हर काम होता है,

कहू कैसे जुबा से बस सुबह और शाम होता है,

मोरी मैया... मोरी मैया,

मोरी मैया के भुवन सजे आज,

नौबत बाज रही...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।