घिरता हूँ जब मुश्किल में

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

घिरता हूँ जब मुश्किल में,

जब दर्द से दिल भर जाता है,

तब सुनता वो दिल की सदा,

मेरे बिगड़े काम बनता है,

मेरे सर पे उसका साया है,

मैंने तो जब भी बुलाया है,

मेरा राम आ जाता मेरे सामने,

मेरा राम आ जाता मेरे सामने………

मेरे दिल के सब बातो को,

पल पल उसने पहचाना,

ऐसा गहरा नाता,

बिन बोले सब जाना,

वो आँखों को पढ़ लेता है,

मुझे बिन मांगे सब देता है,

मेरा राम आजाता मेरे सामने,

मेरा राम आ जाता मेरे सामने……….

पग पग पर मेरा साथ दिया है,

उसने मुझे संभाला है,

फांसी भवर में जब जब नैया,

उसने मुझे निकला है,

मेरा हर दम हाथ पकड़ता है,

मुझे सबसे प्यारा लगता है,

मेरा राम आजाता मेरे सामने,

मेरा राम आ जाता मेरे सामने……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।