शिव नाथ मेरा गौरा नु ब्योन चलिया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कौन चलिया जी कौन चलिया,

शिव नाथ मेरा गौरा नु ब्योन चलिया,

सजे भूत ते प्रेत वेखो वखरी जनैत,

अज्ज वखरा ही रूप दिखोंन चलिया,

कौन चलिया जी कौन चलिया,

शिव नाथ मेरा गौरा नु ब्योन चलिया.....

पिंडे उत्ते भस्म रामा लई,

सप्पा दी गल माला पा लई,

पिंडे उत्ते भस्म रामा लई,

सप्पा दी गल माला पा लई,

नाले सेरा ओहने लाया,

मत्थे चंदा है चढ़ाया,

रूप वखरा ही सबनो,

देखान चलिया,

कौन चलिया जी कौन चलिया,

शिव नाथ मेरा गौरा नु ब्योन चलिया.....

देवी देवते फूल बरसांदे,

भूत चडेला ला भंगडे पौंदे,

देवी देवते फूल बरसांदे,

भूत चडेला भंगडे पौंदे,

लगी रौनक बिरंगी,

अग्गे होक नच्चे नंदी,

बेंड बाजे बजौन चालिया,

कौन चलिया जी कौन चलिया,

शिव नाथ मेरा गौरा नु ब्योन चलिया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।