साँई नाम की लूट

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

लूट सके तो लूट ले भाई साँई नाम की लूट,

लूट सके तो लूट ले भाई साँई नाम की लूट,

श्रद्धा सबूरी से बनाले साँई से रिश्ता अतूट,

श्रद्धा सबूरी से बनाले साँई से रिश्ता अतूट,

चारो दिशाये चारो धाम,

एक ही नाम साँई राम,

बिगडे बनादे सारे काम,

साँई राम साँई राम.....

तन मन धन से सुबह शाम जपलो प्रभू का नाम,

प्रभू की द्वारका माई और शिर्डी पावन धाम......-2

हर दुख से तू दे मुक्ती,

दिल से करे जो भक्ती,

अपरंपार है लीला तेरी,

तू ही दिव्य शक्ती,

तू ही दिव्य शक्ती,

अपने आप से कब तक मनवा बोलेगा रे झूठ,

श्रद्धा सबूरी से बनाले साँई से रिश्ता अतूट,

श्रद्धा सबूरी से बनाले साँई से रिश्ता अतूट,

चारो दिशाये चारो धाम,

एक ही नाम साँई राम,

बिगडे बनादे सारे काम,

साँई राम साँई राम....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।