तू सुख कर्ता दुःख हर्ता

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

श्री गणेशा

श्री गणेशा

श्री गणेशा

देवा श्री गणेशा....

तू सुख कर्ता दुःख हर्ता रे,

तेरे सिवा कोई ना मेरा दूजा रे,

तेरी भक्ति में भरोसा हो गया रे,

तू सुख कर्ता दुःख हर्ता रे,

घर में बिठाके तुझे पूजें तो,

मेरा मनवा नाचे रे,

श्वास श्वास तेरा नाम जपें तेरी महिमा बाचे रे,

स्वर्ग सा लगे मुझे तेरा मंदिर रे,

तू सुख कर्ता दुःख हर्ता रे,

तेरे सिवा कोई ना मेरा दूजा रे....

श्री गणेशा

श्री गणेशा

श्री गणेशा

देवा श्री गणेशा....

ओ बाप्पा,तुझे मन से पूजू,

ओ गौरी नंदन तेरी मैं नित नित सेवा करूँ,

मोदक मेवा का भोग लगाऊं दूर्वा फूल चढ़ाऊँ,

जीवन अब अर्पण है तुझको चरणों में शीश झुकाऊं,

तेरे दरस को मन तरसे उस तरस को पूरा करें,

मेरा आँगन बना है पावन रे,

तू सुख कर्ता दुःख हर्ता रे,

तेरे सिवा कोई ना मेरा दूजा रे....

श्री गणेशा

श्री गणेशा

श्री गणेशा

देवा श्री गणेशा....

दिल से हैं पुकारा दुःख हर्ता को

मेरे विघ्नहर्ता को, मेरे सुख कर्ता को

श्री गणपती को जब जब ध्याऊ

मिटें अमंगल सारे

कृपा के फूल बरस उठे हैं खुल गये सुखों के द्वारे

सिद्धिविनायक, अष्टविनायक को मन नमन करे x2

बरसा हम पे सुखों का सावन रे

तू सुख कर्ता दुःख हर्ता रे

तेरे सिवा कोई ना मेरा दूजा रे

श्री गणेशा

श्री गणेशा

श्री गणेशा

देवा श्री गणेशा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।