जय देवा जय गौरी नंदन

पारंपरिक
श्री गणेश आरती गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय देवा

जय देवा जय गौरी नंदन की आरती,

गणपती देवा की आरती,

हो..

जय देवा

जय देवा जय गौरी नंदन की आरती,

गणपती देवा की आरती,

हो..

पूरी करे उसकी बात,

श्रद्धा से गाये जो भी,

गणपती देवा की आरती,

हो...

जय देवा जय गौरी नंदन की आरती,

गणपती देवा की आरती,

हो..

फूलों की वर्षा है देखे जिधर,

चारो ओर भक्तो की भीड़ है लगी,

चारो ओर भक्तो की भीड़ है लगी,

धुप जले जलते है कितने दीये,

बोले सभी जय हो जय गणपती,

बोले सभी जय हो जय गणपती,

शंक बजे धूम मचे,

ऐसी मचे खुशबु हवा में महकने लगे,

ऐसा लगे धरती पे देख रहे ऋषि मुनि,

गणपती देवा की आरती,

हो....

जय देवा जय गौरी नंदन की आरती,

गणपती देवा की आरती,

हो...

इस में है देवा की महिमा तरंग,

पूरी हो आशाये मन की सभी,

पूरी हो आशाये मन की सभी,

जो प्रेम से इसकी पूजा करे,

जो ध्याये और गाये ये आरती,

जो ध्याये और गाये ये आरती,

सच है भले आये वो एक बार ही,

जाता नहीं हाथ खली कभी,

झोल भरे उसकी सदा जिसके मन में उतर गयी,

गणपती देवा की आरती,

हो....

जय देवा जय गौरी नंदन की आरती,

गणपती देवा की आरती,

हो...

मैला हो मन तो ये उजला करे,

जीवन अंधेरा मिटाती है ये,

जीवन अंधेरा मिटाती है ये,

दिखलाये उसको चमत्कार ये,

जय देवा जो नाम सुमिरन करे,

जय देवा जो नाम सुमिरन करे,

चारो तरफ ज्योत जले ऐसी जले,

द्वार स्वर्ग के जैसे हो खुल गये,

फूलों का मन डोले गाये यहाँ कली कली,

गणपती देवा की आरती,

हो....

जय देवा जय गौरी नंदन की आरती,

गणपती देवा की आरती,

हो...

पूरी करे उसकी बात,

श्रद्धा से गाये जो भी,

गणपती देवा की आरती,

हो...

जय देवा जय गौरी नंदन की आरती,

गणपती देवा की आरती......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।