वो राम धुन में मगन है रहते

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

वो राम धुन में मगन है रहते,

लगन प्रभु की लगा रहे है,

वो राम जी के चरण में रहते,

प्रभु के कारज बना रहे है,

वो राम धुन में मगन है रहते,

लगन प्रभु की लगा रहे है......

वो राम लक्ष्मण काधे बिठाये,

सुग्रीव के संग मैत्री कराये,

प्रभु मुदिका थी मुख में डाली,

वो लंका धाए सुधि सिया लाए,

निशानी माँ की दी जो प्रभु को

प्रभु हदय से लगा रहे है,

वो राम धुन में मगन है रहते,

लगन प्रभु की लगा रहे है.....

लखन है मुचित है राम रोते,

बूटी सजीवन अब कोन लाए,

प्रभु लगन थी हदय में धारी,

वो बूटी वाला पर्वत ले आए,

वो प्राण रक्षक बने लखन के,

हाथो से बूटी खिला रहे है,

वो राम धुन में मगन है रहते,

लगन प्रभु की लगा रहे है....

नागों की पाश में प्रभु जी आए,

गरुड़ को लाए प्राण बचाए,

अहिरावण प्रभु को लेके भागा,

संघारा पापी पाताल धाए,

रंगा सिदुरी तन अपना सारा,

प्रभु का चंदन लगा रहे है,

वो राम धुन में मगन है रहते,

लगन प्रभु की लगा रहे है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।