आना हो दरबार मिलेंगे बालाजी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

यकीन हो पक्का मन हो सच्चा,

आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी,

यकीन हो पक्का मन हो सच्चा,

आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी....

सच्ची मन में श्रधा लाके,

श्री राम ने ध्यान लगा,

सच्ची मन में श्रधा लाके,

श्री राम ने ध्यान लगा,

झूठा घमंड छोड़ दे सारा,

बेईमाना और छोड़ दगा,

झूठा घमंड छोड़ दे सारा,

बेईमाना और छोड़ दगा,

भगती कर के आत्मा जगा ले,

ले ले सच्चा नाम,

मिलेंगे बालाजी,

यकीन हो पक्का मन हो सच्चा,

आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी,

यकीन हो पक्का मन हो सच्चा,

आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी....

गन्दी बाते छोड़ दे सारी,

गंदा खाना छोड़ दिए,

गन्दी बाते छोड़ दे सारी,

गंदा खाना छोड़ दिए,

सारे संकट कट जांगे,

तू नियम बंधा के मान लिए,

सारे संकट कट जांगे,

तू नियम बंधा के मान लिए,

श्री राम का ला जयकारा,

श्री राम का ला जयकारा,

पीनी छोड़ शराब,

मिलेंगे बालाजी,

यकीन हो पक्का मन हो सच्चा,

आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी,

यकीन हो पक्का मन हो सच्चा,

आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी.....

मात पिता की सेवा कर ले,

बाबा राजी हो जागा,

मात पिता की सेवा कर ले,

बाबा राजी हो जागा,

सतगुरु की बात मान ले,

पाप से मुक्ति पा जागा,

सतगुरु की बात मान ले,

पाप से मुक्ति पा जागा,

धाम सुरग का मिल जागा तन,

तू छोड़ दे सारे दोष,

मिलेंगे बालाजी,

यकीन हो पक्का मन हो सच्चा,

आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी,

यकीन हो पक्का मन हो सच्चा,

आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी……..

अच्छे कर्म करे जा बन्दे,

फल इश्वर पर छोड़ दिये,

अच्छे कर्म करे जा बन्दे,

फल इश्वर पर छोड़ दिये,

गुरु की जाके शरण लिए तू,

तेरा हो जा का उद्धार,

मिलेंगे बालाजी,

यकीन हो पक्का मन हो सच्चा,

आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी,

यकीन हो पक्का मन हो सच्चा,

आना हो दरबार मिलेंगे हो बालाजी…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।