बाबा के जागरण में

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

रात जगी बाबा की, ते गावण ने जी कर गया ,

जब बाजण लाग्या साज,नाचण ने जी कर गया ,

बाबा के जागरण में गावण का जी कर गया ,

बाबा के जागरण में गावण का जी कर गया ,

बाजण लाग्या साज, ते नाचण ने जी कर गया…….

यहाँ ढोल मजीरे बाज रहे, यहाँ सब मस्ती में नाच रहे,

यहाँ ढोल मजीरे बाज रहे, यहाँ सब मस्ती में नाच रहे,

हो मस्ती में जयकारे लावण का जी कर गया ,

हो मस्ती में जयकारे लावण का जी कर गया,

बाजण लाग्या..

बाजण लाग्या साज, ते नाचण ने जी कर गया ,

बाबा के जागरण में गावण का जी कर गया ,

बाजण लाग्या साज, ते नाचण ने जी कर गया....

दरबार में लड़ियाँ दमक रही, दमक रही,

बाबा की सूरत चमक रही, चमक रही,

ले काजल बाबा की नजर उतारण का जी कर गया ,

बाजण लाग्या..

बाजण लाग्या साज, ते नाचण ने जी कर गया ,

बाबा के जागरण में गावण का जी कर गया ,

बाजण लाग्या साज, ते नाचण ने जी कर गया....

भक्ति में हुआ दीवाना रे, दीवाना रे,

मैंने पागल कहें जमाना रे, ज़माना रे,

बालाजी के प्यार में रंगने का जी कर गया,

बाजण लाग्या..

बाजण लाग्या साज, ते नाचण ने जी कर गया ,

बाबा के जागरण में गावण का जी कर गया ,

बाजण लाग्या साज, ते नाचण ने जी कर गया....

हनुमान सा भगत निराला हो, निराला हो,

कण कण में हुआ उजाला हो, उजाला हो,

कहे करिश्मा नींद छोड़ जागण ने जी कर गया,

बाजण लाग्या..

बाजण लाग्या साज, ते नाचण ने जी कर गया ,

बाबा के जागरण में गावण का जी कर गया ,

बाजण लाग्या साज, ते नाचण ने जी कर गया....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।