बजंरगी लाल लाल हो गया

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

भरी सभा में नांचण लाग्यो,

महिमा सिन्दूर की समझावण लाग्यो,

गले लगा लो मेरे राम,

बजंरगी लाल लाल हो गया,

बजंरगी लाल लाल हो गया,

गले लगा लो मेरे राम,

बजंरगी लाल लाल हो गया......

मैया जो मस्तक पे लगाए, उसे लगा के आया,

लाल सिन्दूर तुझे प्यारा है, मैया ने समझया,

मैया तो थोड़ा थोड़ा लगाए, चुटकी में लेकर मस्तक चढ़ाये,

मैंने किया है अस्नान, बजंरगी लाल लाल हो गया,

गले लगा लो मेरे राम,

बजंरगी लाल लाल हो गया………..

मसल मसल के मेरे प्रभु जी, सारे कंठ लगया,

तेरा प्यारा बन जाऊंगा, मेरे मन में आया,

मुझको ये पहले, क्यों ना बताया,

तूने प्रभु जी क्यों ना समझाया,

मैया का मानूंगा अहसान,

बजंरगी लाल लाल हो गया,

गले लगा लो मेरे राम,

बजंरगी लाल लाल हो गया………….

हनुमान की भोलेपन पे, गद गद हो गए राम,

इस दुनिया में तेरे जैसा, भक्त नही हनुमान,

सीता से ज्यादा प्यार करूँगा, हरदम तुम्हारे संग रहूँगा,

देता हूँ तुझको जुबान, बजंरगी लाल लाल हो गया,

गले लगा लो मेरे राम,

बजंरगी लाल लाल हो गया………..

जो तुझ पर सिंदूर चढ़ाए, उस पर कृपा करूँगा,

बनवारी तेरे भक्तो का, सारा काम करूँगा,

बांह पकड़ कर गले लगाया, आखो मैं आंसू दिल भर आया,

मिले भक्त भगवान, बजंरगी लाल लाल हो गया,

गले लगा लो मेरे राम,

बजंरगी लाल लाल हो गया,

भरी सभा में नाचण लाग्या,

महिमा सिन्दूर की समझावण लाग्या,

गले लगा लो मेरे राम,बजंरगी लाल लाल हो गया……….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।