गणपती को दिल में बसाना

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणपती को दिल में बसाना,

गणपती को दिल में बसाना,

पावन भाव ही मन में जगाना,

भक्ति से तुम इनको रिझाना,

गणपती को दिल में बसाना,

गणपती को दिल में बसाना,,

पावन भाव ही मन में जगाना,

भक्ति से तुम इनको रिझाना,

गणपती को दिल में बसाना,

गणपती को दिल में बसाना.....

भक्तो पे हरदम इनकी नज़र है,

भक्तो पे हरदम इनकी नज़र है,

काहे तू रोये उसे सबकी खबर है,

तेरी मेरी छोड़ो उन्हे सबकी खबर है,

तेरी मेरी छोड़ो उन्हे सबकी खबर है,

श्रद्धा से ही इनको मनाना ,

भक्ति से तुम इनको रिझाना,

गणपती को दिल में बसाना,

गणपती को दिल में बसाना....

गंगा और जमुना की धारा यही हैं,

गंगा और जमुना की धारा यही हैं,

दुखियों के दुःख का सहारा ये ही हैं,

जपो इन्हे भजो इन्हे दाता ये ही हैं,

जपो इन्हे भजो इन्हे दाता ये ही हैं ,

महिमा इनकी तुम ना भुलाना,

भक्ति से तुम इनको रिझाना,

गणपती को दिल में बसाना,

गणपती को दिल में बसाना.....

हर शुभ समय पर पूजा है इनकी,

हर शुभ समय पर पूजा है इनकी,

पावन से पावन सूरत है जिनकी,

इधर देखो उधर देखो पूजा है इनकी,

इधर देखो उधर देखो पूजा है इनकी,

फल और फूल सब इनपे चढ़ाना,

भक्ति से तुम इनको रिझाना,

गणपती को दिल में बसाना,

गणपती को दिल में बसाना,

पावन भाव ही मन में जगाना,

भक्ति से तुम इनको रिझाना......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।