कृष्ण गोविन्द गोपाल गाते रहो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृष्ण गोविन्द गोपाल गाते रहो,

कृष्ण गोविन्द गोपाल गाते रहो,

मन को विषयो के विष से बचाते रहो,

कृष्ण गोविन्द गोपाल गाते रहो।

प्राण जाये मगर नाम भूलो नही,

दुःख में तड़पो नही सुख में फूलो नही,

प्राण जाये मगर नाम भूलो नही,

दुःख में तड़पो नही सुख में फूलो नही,

नाम धन का खज़ाना बढ़ाते रहो,

कृष्ण गोविन्द गोपाल गाते रहो।

नाम जपते रहो काम करते रहो,

पाप की वासनाओ से डरते रहो,

नाम जपते रहो काम करते रहो,

पाप की वासनाओ से डरते रहो,

प्रेम भक्ति प्रेम भक्ति के आंसू बहाते रहो,

कृष्ण गोविन्द गोपाल गाते रहो।

ख्याल आएगा उनको कभी ना कभी,

दर्श पाओगे उनके कभी ना कभी,

ख्याल आएगा उनको कभी ना कभी,

दर्श पाओगे उनके कभी ना कभी,

ऐसा विश्वास मन में जमाते रहो,

कृष्ण गोविन्द गोपाल गाते रहो,

कृष्ण गोविन्द गोपाल गाते रहो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।