श्री गणपती जी महाराज

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

श्री गणपती जी महाराज...

देवो में पहले मनाते है,

श्री गणपती जी महाराज...

दर्शन की आस लगाते है।।

दर्शन को अखियां तरस रही,

भक्तन पे किरपा बरस रही,

तेरे नाम से दुःख मिट जाए,

गजानंद जी तुम्हे बुलाते है,

श्री गणपती जी महाराज...

देवो में पहले मनाते है,

श्री गणपती जी महाराज...

दर्शन की आस लगाते है।।

गणपती जी बड़े निराले है,

देखो देवा एक दन्त वाले है,

पुरे होते उनके अरमान,

जो गणपती जी को ध्याते है,

श्री गणपती जी महाराज...

देवो में पहले मनाते है,

श्री गणपती जी महाराज...

दर्शन की आस लगाते है।।

देवा लड्डुओं का भोग लगाते है,

मोदकों का भोग लगाते है,

देवा जिनके घर पे पधारे,

वो भव से पार हो जाते है,

श्री गणपती जी महाराज...

देवो में पहले मनाते है,

श्री गणपती जी महाराज...

दर्शन की आस लगाते है।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।