अच्छे बुरे जैसे भी , हालत हो सीर पे सांवरिये तेरा हाथ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

(तर्ज़ :- दुल्हे का सेहरा सुहाना लगता है )

अच्छे बुरे जैसे भी , हालत हो

सीर पे सांवरिये तेरा हाथ

गम के बादल कितने भी मंडराये

तेरी किरपा की मुझपे बरसात हो

१

जमाने की मीले ठोकर , कोई परवाह नही बाबा

मगर ना तोड़ना मुझसे , श्याम जी प्रेम का धागा

जनमो जनम तक तेरा मेरा साथ हो

सर पे सांवरिये तेरा हाथ

गम के बादल कितने भी मंडराये

तेरी किरपा की मुझपे बरसात हो

२ है आसरो थारो धणी , भरोसो है थारो

जो कुछ भी म्हारो , प्रभु जी है सभी थारो

टाबरीया की अरजी या स्वीकार हो

सर पे सांवरिये तेरा हाथ

गम के बादल कितने भी मंडराये

तेरी किरपा की मुझपे बरसात हो

३ घर घर मे बजै डंका , हो बाबा श्याम कहलाये

दिल से पुकारे तो , सावरा दौड़ है आये

मोनु को बस तुमसे बाबा प्यार हो

सर पे सांवरिये तेरा हाथ

गम के बादल कितने भी मंडराये

तेरी किरपा की मुझपे बरसात हो

Singer and songwriter

Manoj Sharma monu Tatanagar

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।