गुरु भगवान आये है

पारंपरिक
माँ गंगा भजन जैन भजन ganga
॥ पावन पाठ ॥

सजा दो घर को मंदिर सा,

गुरु भगवान आये है,

गुरु भगवान आये है,

सजा दो घर को मंदिर सा,

गुरु भगवान आये है॥

पखारो इनके चरणों को,

बहाकर प्रेम की गंगा,

निहारो मेरे गुरुवर को,

सजाकर भावों की कलियां,

बिछा दो अपनी पलको को,

गुरु भगवान आये है,

सजा दो घर को मंदिर सा,

गुरु भगवान आये है॥

उमड़ आई मेरी आँखें,

देखकर छोटे बाबा को,

बड़ी प्यासी थी ये अखियां,

मेरे गुरुवर के दर्शन को,

हुई रोशन मेरी दुनियां,

गुरु भगवान आये है,

सजा दो घर को मंदिर सा,

गुरु भगवान आये है॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।