मेरी आँखों में साईं का दरबार है

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श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मेरी आँखों में साईं का दरबार है

उनकी रेहमत को मेरा नमस्कार है

भेद कोई नहीं राम रेहमान में

मत करो फ़र्क इन्सान इन्सान में

सीख बाबा की ये जग पे उपकार है

उनकी रेहमत को मेरा नमस्कार है

जिसने जो माँगा साईं के दर से मिला

सुख जहाँ का वहाँ के सफर से मिला

यूँ नहीं शिर्डीमय सारा संसार है

उनकी रेहमत को मेरा नमस्कार है

साईं बाबा की जो भी शरण में गया

जिसका सिर दिल से उनके चरण में गया

हो गया समझो 'हरि' उसका उद्धार है

उनकी रेहमत को मेरा नमस्कार है

लेखक:-

डा० हरि प्रकाश श्रीवास्तव'फ़ैज़ाबादी'

09450489789

गायक:-

मोहित श्रीवास्तव 'मोहित साईं'

09044466616

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।