बरसाने में आ जइयो नंद के नंदलाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बरसाने में आ जइयो नंद के नंदलाला....-2

चार महीना आये गर्मी के कह रही राधा प्यारी,

मोहे ऐसी लगा जइयो नंद के नंदलाला,

बरसाने में आ जइयो.....

चार महीने आए सर्दी के कह रही राधा प्यारी,

मोहे शॉल ओढ़ा जइयो नंद के नंदलाला,

बरसाने में आ जइयो.....

चार महीने आए बारिश के कह रही राधा प्यारी,

मोहे छतरी दिला जइयो नंद के नंदलाला,

बरसाने में आ जइयो.....

एक महीना आयो सावन को कह रही राधा प्यारी,

मोहे झूला झूला जइयो नंद के नंदलाला,

बरसाने में आ जाइए.....

एक महीना आयो फागुन को कह रही राधा प्यारी,

मोहे होली खिला जइयो और नंद के नंदलाला,

बरसाने में आ जइयो.....

एक महीना आयो कार्तिक को कह रही राधा प्यारी,

मोहे जमुना नवा जइयो नंद के नंदलाला,

बरसाने में आ जइयो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।