नजरा ना लग जान तेरे मेरे प्यार नू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नजरा ना लग जान, तेरे मेरे प्यार नू,

दुनिया तो रखाँगी लुका श्यामा,

कदे साडे घर फेरा पा श्यामा॥

सोहणा तेरा वृन्दावन, सोहणा बरसाना ए,

सोने दे सिंहासन उत्ते बैठा मेरा कान्हा है,

सोहनी जई झलक दिखा श्यामा,

कदे साडे घर फेरा पा श्यामा......

दिन नईयो जगदा, ते रात नईयो लंगदी,

तेरी ही याद विच हर पल कटदी,

थक गईयाँ तक तक राह श्यामा,

कदे साडे घर फेरा पा श्यामा......

वेख वेख मुखड़े नू दिल नईयो रजदा,

सोने दे सिंहासना ते, मुरली वाला सजदा,

बार-बार दर्श दिखा श्यामा,

कदे साडे घर फेरा पा श्यामा......

सोहणे जए मुखड़े तो जावा बलिहारी,

मुखड़े दी झलक मेतो जाए ना निहारी,

आंख नाल आंख तू मिला श्यामा,

कदे साडे घर फेरा पा श्यामा........

लेके मैं मिर्च, नजर उतारांगी,

अपने श्याम तो मैं तन मन वारागी,

इक वारी मेरे घर आ श्यामा,

कदे साडे घर फेरा पा श्यामा........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।