छोड़ मत देना मेरा साथ श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छोड़ मत देना मेरा साथ,

श्याम थाम के ही रखना मेरा हाथ,

ये जीवन सूना सूना श्याम तेरे बिन,

जीना मुश्किल श्याम तेरे बिन,

चाहे जैसे हो मेरे हालात,

श्याम थाम के ही रखना मेरा हाथ,

छोड़ मत देना मेरा साथ,

श्याम थाम के ही रखना मेरा हाथ।

कोई नहीं है मेरा श्याम तेरे बाद में,

बड़ा कमज़ोर हूँ मैं मेरे हालात में,

तेरा विश्वास है तो आस बढ़ जाती है,

लाज मेरी तेरे भरोसे चिंता ना सताती है,

ये दुनिया सूनी सूनी श्याम तेरे बिन,

खुशियां सूनी श्याम तेरे बिन,

सुबह शाम दिन हो या रात,

श्याम थाम के ही रखना मेरा हाथ,

छोड़ मत देना मेरा साथ,

श्याम थाम के ही रखना मेरा हाथ।

आसान तुमने बनाया श्याम मेरी राहों को,

मुझसे हटाना मत अपनी निगाहों को,

तुम ही तो भक्ति बन कर दिल में समां गए,

आँखें जो बंद करूँ तो नज़र मुझको आ गए,

ये जीवन गुज़रे कैसे श्याम तेरे बिन,

काटे कटे ना श्याम तेरे बिन,

इतनी सी रख लेना बात,

श्याम थाम के ही रखना मेरा हाथ,

छोड़ मत देना मेरा साथ,

श्याम थाम के ही रखना मेरा हाथ।

तेरी भक्ति ने संवारा मेरी कहानी को,

रखूँगा संभाल कर मैं तेरी इस निशानी को,

गलतियां मनोज की तुम माफ़ कर देते हो,

काम जयंत के सब आप कर देते हो,

ये दुनिया समझ ना श्याम तेरे बिन,

आये समझ ना श्याम तेरे बिन,

तेरे आगे फैलाऊं मैं हाथ,

श्याम थाम के ही रखना मेरा हाथ,

छोड़ मत देना मेरा साथ,

श्याम थाम के ही रखना मेरा हाथ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।