अगर श्याम तेरी किरपा ना होती

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अगर श्याम तेरी कृपा ना होती,

अगर श्याम तेरी कृपा ना होती,

गरीबों को दुनिया जीने ना देती,

गरीबों को दुनिया जीने ना देती,

गरीबों को दुनिया जीने ना देती.....

दर दर की ठोकर खाते सुदामा,

दर दर की ठोकर खाते सुदामा,

अगर श्याम होता ना तेरा ठिकाना,

जरा सोचो उन की दशा कैसे होती,

जरा सोचो उन की दशा कैसे होती,

गरीबों को दुनिया जीने ना देती,

अगर श्याम तेरी कृपा ना होती

अगर श्याम तेरी कृपा ना होती,

गरीबों को दुनिया जीने ना देती,

गरीबों को दुनिया जीने ना देती.......

युगो तक आहिल्या पापी रहती,

युगो तक आहिल्या पापी रहती,

शबरी की कुटिया भी वीरान रहती,

वह नरसी भी रोता, नानी बाई भी रोती,

गरीबों को दुनिया जीने ना देती,

अगर श्याम तेरी कृपा ना होती......

अगर तुम ना भरते दीनों की झोली,

अगर तुम ना भरते दीनों की झोली,

ना मनती कभी उनके घर मे दिवाली,

रोने को भी ‘सोनू’ जगह ही ना होती,

गरीबों को दुनिया जीने ना देती,

अगर श्याम तेरी कृपा ना होती......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।