तेरी गुफा च जगदी जग-मग ज्योत नूरानी माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरी गुफा च जगदी जग-मग ज्योत नूरानी माँ,

चरना नू धोवे गंगा जी दा पानी माँ.....

ऐ सूरज चन सितारे तेरे सेवादार ने सारे,

ऐ पहरा बारो बारी देंदे ने तेरे द्वारे,

तेथो खैरा मंगदे वेखे वड़े दानी माँ,

तेरी रीस कोई नहीं कर सकदा महारानी माँ,

तेरी गुफा च जगदी जग-मग ज्योत नू रानी माँ,

चरना नू धोवे गंगा जी दा पानी माँ....

लखा स्वर्गा तो सोहना तेरा भवन बड़ा मनमोहना,

तेरे दर्शन करके जगदा नैना च लुका के सोना,

तेरी करके दीद दिवाली मौज माननी माँ,

चरना नू धोवे गंगा जी दा पानी माँ,

तेरी गुफा च जगदी जग-मग ज्योत नू रानी माँ,

चरना नू धोवे गंगा जी दा पानी माँ.....

महरा दे शीटे मारे साणु सालो साल बुलावे,

अपने हथि माहारानी साणु लिख-लिख चिठिया पावे,

असा धूड़ तेरे चरना दी मथे लानी माँ,

तेरी रीस कोई नहीं कर सकदा माहारानी माँ,

तेरी गुफा च जगदी जग-मग ज्योत नू रानी माँ,

चरना नू धोवे गंगा जी दा पानी माँ.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।