ऊंचेया पहाड़ा च जयकारे लगदे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ऊंचेया पहाड़ा च जयकारे लगदे,

सानु तेरे मन्दर प्यारे लगदे,

काली काली रात विच होवे जगमग,

लाल झंडे झुलदे न्यारे लगदे,

ऊंचेया पहाड़ा च जयकारे लगदे......

भगता दे टोले दर आन नचदे,

लाल चुन्नी मत्थे उत्ते बन नचदे,

भवना दे अग्गे वी कतारे लगदे,

सानु तेरे मन्दर प्यारे लगदे,

ऊंचेया पहाड़ा च जयकारे लगदे.....

मन्दंरा च टल दी आवाज गूँज दी,

रौंदेया दे हंजुआ मैया आप पुंज दी,

दुखियां नु मिलदे सहारे लगदे,

सानु तेरे मन्दर प्यारे लगदे,

ऊंचेया पहाड़ा च जयकारे लगदे......

दास तेरे अग्गे हत्थ जोड़ बोलदा,

दिल वाली गल तेरे नाल खोलदा,

दुखां वाले उड़दे नजारे लगदे,

सानु तेरे मन्दर प्यारे लगदे,

ऊंचेया पहाड़ा च जयकारे लगदे.....

ऊंचेया पहाड़ा च जयकारे लगदे,

सानु तेरे मन्दर प्यारे लगदे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।