आजा आजा रे भवानी तेरी याद आई

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आजा आजा रे भवानी तेरी याद आई,

आजा आजा रे भवानी तेरी याद आई,

हे महारानी तेरी याद आई,

हे महारानी तेरी याद आई,

आजा आजा रे भवानी तेरी याद आई......

ज्योत जगाई तेरी याद आई,

चौकीं सजाई तेरी याद आई,

हे महामाई तेरी याद आई,

हे महामाई तेरी याद आई,

आजा आजा रे भवानी तेरी याद आई......

आये नवराते तेरी याद आई,

भवन पे आते तेरी याद आई,

चुनरी चढ़ाते तेरी याद आई,

चुनरी चढ़ाते तेरी याद आई,

आजा आजा रे भवानी तेरी याद आई.....

काज रचाया तेरी याद आई,

शगन मनाया तेरी याद आई,

शीश झुकाया तेरी याद आई,

शीश झुकाया तेरी याद आई,

आजा आजा रे भवानी तेरी याद आई.....

ढोलक बजाते तेरी याद आई,

भेटें सुनाई तेरी याद आई,

भेटें सुनाई तेरी याद आई,

नाचते नचाते तेरी याद आई,

नचदे नचाते तेरी याद आई,

आजा आजा रे भवानी तेरी याद आई.....

आजा आजा रे भवानी तेरी याद आई

आजा आजा रे भवानी तेरी याद आई

हे महारानी तेरी याद आई

हे महारानी तेरी याद आई

आजा आजा रे भवानी तेरी याद आई...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।