सुन पुकार दातिये दे दुलार दातिये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सुन पुकार दातिये दे दुलार दातिये,

सुन पुकार दातिये दे दुलार दातिये,

तेरे लाडले जाएंगे लेके प्यार दातिये,

तेरे लाडले जाएंगे लेके प्यार दातिये,

सुन पुकार दातिये दे दुलार दातिये.....

हम अच्छे है या बुरे पर बच्चे तो है तेरे-2

जरा ममता लुटा दे मायें नजर क्यो फेरे-2

इक बार दातिये निगाह मार दातिये,

इक बार दातिये निगाह मार दातिये,

तेरे लाडले जाएंगे लेके प्यार दातिये,

तेरे लाडले जाएंगे लेके प्यार दातिये,

सुन पुकार दातिये दे दुलार दातिये......

हमसे जाने अनजाने मैया हुई जो खताएं-2

सदा बच्चों की खताएं माफ करती है मायें-2

हर बार दातिये सौ सौ बार दातिये,

हर बार दातिये सौ सौ बार दातिये,

तेरे लाडले जाएंगे लेके प्यार दातिये,

तेरे लाडले जाएंगे लेके प्यार दातिये,

सुन पुकार दातिये दे दुलार दातिये.....

डेरा दर पे लगा के बैठे ढीठ हम पक्के-2

बिन दर्श नही जाएंगे तू मार चाहे धक्के-2

कर इंकार दातिये दे फटकार दातिये,

कर इंकार दातिये दे फटकार दातिये,

तेरे लाडले जाएंगे लेके प्यार दातिये,

तेरे लाडले जाएंगे लेके प्यार दातिये,

सुन पुकार दातिये दे दुलार दातिये.....

माँ तेरे ही बुलाए हम दर तेरे आते है-2

तेरे चरणों मे मैया जी हाजरी लगाते है-2

आये द्वार दातिये हमे तार दातिये,

आये द्वार दातिये हमे तार दातिये,

तेरे लाडले जाएंगे लेके प्यार दातिये,

तेरे लाडले जाएंगे लेके प्यार दातिये,

सुन पुकार दातिये दे दुलार दातिये......

सुन पुकार दातिये दे दुलार दातिये,

सुन पुकार दातिये दे दुलार दातिये,

तेरे लाडले जाएंगे लेके प्यार दातिये,

तेरे लाडले जाएंगे लेके प्यार दातिये.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।