मेरा जीवन तेरी शरण (full version)

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरा जीवन तेरी शरण,

मेरा जीवन तेरी शरण.......

सारे राग विराग हुए अब,

मोह सारे त्याग हुए अब,

एक यही मेरा बंधन,

मेरा जीवन तेरी शरण.......

अविरत रहा भटकता अब तक,

भटकूँ और अभी मैं कब तक,

पालूं केवल तुझको ही माँ,

एक यही मेरी है लगन,

मेरा जीवन तेरी शरण......

तेरे चरणों पर हूं अर्पण,

मेरे जीवन के गुण अवगुण,

सारी व्यथाएं दूर करो माँ,

हो सुमित मेरा नंदन,

मेरा जीवन तेरी शरण......

सारे राग विराग हुए अब,

मोह सारे त्याग हुए अब,

एक यही मेरा बंधन,

मेरा जीवन तेरी शरण.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।