प्रभु का सहारा

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

मेरे जीवन की एक वक्त के सत्य घटना को साझा करता ये गीत -

सहारे अब सभी छूटे ना कोई काम आया है,

पकड़कर प्रभु तेरा दामन तुझे अपना बनाया है।।

भरोसा दोस्तों पर था यकीनन काम आयेंगे,

मगर जब थी जरुरत तब हमें सबने भुलाया है।।

देखकर दौर मुश्किल का कलेजा कंप गया मेरा,

मदद मांगी मैने सबसे मगर कुछ ना पाया है।।

भूलकर स्वप्न सी दुनिया हकीकत में मुसीबत थी,

अचानक वक्त ने हमको मुकद्दर तक सताया है ।।

लौटकर इस जमाने से तेरे आंचल मे आया हूं,

आज ‘आर्यन’ ने ह्रदय का राज सारा बताया है ।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।