दे दे अपनी नौकरी बालाजी सरकार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

धुन- देना हो तो दीजिए जन्म जन्म का साथ

दे दे अपनी नौकरी, बाला जी / मेहंदीपुर सरकार ll

बस इतनी तनखाह देना ll, मेरा सुखी रहे परिवार,,,

दे दे अपनी नौकरी, बाला जी / सालासर सरकार ॥

तेरे काबिल नही हूँ बाबा, फिर भी काम चला लेना l

जैसा भी हूँ तेरा ही हूँ, गुण अवगुण बिसरा देना ll

जो तेरी किरपा होगी ll, मेरा सुधरेगा संसार,,,

दे दे अपनी नौकरी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सेठों के तुम सेठ हो बाबा, हमरी क्या औकात है l

तेरी सेवा मिल जाए तो, ये किस्मत की बात है ll

मानेंगे तेरा कहना ll, हम करते हैं इकरार,,,

दे दे अपनी नौकरी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

थोड़ी सी दौलत दे करके, हमको ना बहलाओ जी l

आज खड़े हैं सामने तेरे, हमको हुक्म सुनाओ जी ll

भक्तों की इस अर्जी पे ll, मत करना तूँ इन्कार,,,

दे दे अपनी नौकरी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं सेवक छोटा सा हूँ, तेरा बहुत बड़ा उपकार l

अब दी है बाबा नौकरी, तेरा छोड़ूँ न दरबार ll

*आज खड़े हैं दर पे तेरे ll, दे दे दर्स दीदार,,,

दे दे अपनी नौकरी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।