मैया कलम दवात हथ तेरे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया कलम दवात हथ तेरे, के चंगे साडे लेख लिखयो,

मैया कलम दवात हथ तेरे, के चंगे साडे लेख लिखयो,

करा बन्दगी मैं शाम सेवरे, के चंगे साडे लेख लिखयो,

मैया कलम दवात हथ तेरे, के चंगे साडे लेख लिखयो.....

जग दे झमेलेया चो करो सांनु दूर जी,

मां अर्जी साडी ते गौर करेयो जरुर जी,

धक्के ठेड़े मै खा लऐ बथेरे, जी चगें साडे लेख लिखयो,

मैया कलम दवात हथ तेरे, के चंगे साडे लेख लिखयो....

माँ बाप दी सेवा सब तो महान जी,

लेखा विच लिखो लाके करा जी जान जी,

मापे जुग-जुग जीन जोगे सारे, के चगें साडे लिखयो,

मैया कलम दवात हथ तेरे के चंगे साडे लेख लिखयो....

चरणे दी सेवा लिखो साडी तकदीर च,

लाई देयां लेखे जिनें साँह ने शरीर च,

सेवा करनी ऐ माँ दे वेडे, के चगें साडे लेख लिखयो,

मैया कलम दवात हथ तेरे के चंगे साडे लेख लिखयो....

हथ पैर मुँह अँखां सेवा करां तन दी,

फिरदा मन काहे होवे सच्चा मन जी,

सोहणी गुफा दे बाहर लाले डेरे, चगें साडे लेख लिखयो।

मैया कलम दवात हथ तेरे के चंगे साडे लेख लिखयो......

मैया कलम दवात हथ तेरे, के चंगे साडे लेख लिखयो,

करा बन्दगी मैं शाम सेवरे, के चंगे साडे लेख लिखयो,

मैया कलम दवात हथ तेरे, के चंगे साडे लेख लिखयो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।