महाकाल की महीमा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जय श्री महाकाल

मै यादों का किस्सा खोलूँ तो,

महाकाल बहुत याद आते हैं.

मै गुजरे पल को सोचूँ तो,

महाकाल बहुत याद आते हैं.

अब उज्जैन नगरी में,

आबाद हैं जाकर मुद्दत से.

मै देर रात तक जागूँ तो ,

महाकाल बहुत याद आते हैं.

कुछ बातें थीं फूलों जैसी,

कुछ लहजे खुशबू जैसे थे,

मै शहर-ए-चमन में टहलूँ तो,

महाकाल बहुत याद आते हैं.

वो पल भर की नाराजगियाँ,

और मान भी जाना पलभर में,

अब खुद से भी रूठूँ तो,

महाकाल बहुत याद आते हैं ।

जय श्री महाकाल 

जय श्री महाकाल परीवार ग्रूप

मो 9067451771

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।