तू मेरा हमसफ़र सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझको एहसास है तू मेरे पास है,

तू मेरा हमसफ़र सांवरे,

तू मेरा हमसफ़र सांवरे,

साथ तू उम्र भर सांवरे।

मुझपे तेरी नज़र,

फिर करूँ क्यों फिकर,

साथ तेरा मिला, तो सताए ना डर,

तेरी ही रहमतें हैं तभी तो,

मिली ज़िन्दगी में कदर सांवरे,

तू मेरा हमसफ़र सांवरे,

साथ तू उम्र भर सांवरे।

आँखों में सांवरे बस तेरी ही छवि,

लब पे खिलता मेरे श्याम बन के हंसी,

दिल की ये धड़कने,

बस तेरा नाम ले हर घड़ी हर पहर सांवरे

तू मेरा हमसफ़र सांवरे,

साथ तू उम्र भर सांवरे।

जग अँधेरा बड़ा श्याम तू रौशनी,

रौशनी तू मेरी फिर क्यों होगी कमी,

हाथ थामे मेरा चलना बाबा सदा,

गोलू संग हर डगर सांवरे

तू मेरा हमसफ़र सांवरे,

साथ तू उम्र भर सांवरे।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।