वादा करके मोहन नहीं आया

लखबीर सिंह लक्खा
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

वादा करके मोहन नहीं आया,

आँखो में कई राते ढल गयी,

वादा करके मोहन नहीं आया,

आँखो में कई राते ढल गई।

प्यार सखियों का दिल से भुलाया,

आँखो में कई रातें ढल गयी,

वादा करके मोहन नहीं आया,

आँखो में कई राते ढल गई।

वादा करके मोहन नहीं आया,

आँखो में कई राते ढल गई।

दुखड़ा दे गया कृष्ण मुरारी,

रो रो कहती सखिया सारी,

मोहन नहीं आया,

वादा करके मोहन नहीं आया,

आँखो में कई राते ढल गई।

वादा करके श्याम ना आया,

भूल गया पनघट को,

सुना गोकुल मधुबन सुना,

कर गया जमुना तट को,

मोहन नहीं आया,

वादा करके मोहन नहीं आया,

आँखो में कई राते ढल गई।

हमे छोड़ गया मदन गोपाल जी,

बड़ा छलिया यशोदा माँ का लालजी,

कोई हम पे तरस नही खाया,

आँखो में कई राते ढल गयी,

मोहन नहीं आया,

वादा करके मोहन नहीं आया,

आँखो में कई राते ढल गई।

देखो मोहन नही आया नही आया,

मेरा मोहन नही आया नही आया,

वादा करके मोहन नहीं आया,

आँखो में कई राते ढल गई।

गया बीच भवर में हमे छोड़ के,

गया बीच भवर में हमे छोड़ के,

सारे नाते रिस्ते श्याम हमसे तोड़ के,

होके अपना वो बना है पराया,

आँखो में कई राते ढल गयी।।

वादा करके मोहन नहीं आया,

आँखो में कई राते ढल गई।

श्याम इतना ना भक्तों को सताइये,

आके ब्रज में फिर बाँसुरी बजाइए,

‘शर्मा’ ने कबसे ध्यान लगाया,

आँखो में कई राते ढल गई,

मोहन नहीं आया,

वादा करके मोहन नहीं आया,

आँखो में कई राते ढल गई।

प्यार सखियों का दिल से भुलाया,

आँखो में कई राते ढल गयी,

वादा करके मोहन नहीं आया,

आँखो में कई राते ढल गयी,

वादा करके मोहन नहीं आया,

आँखो में कई राते ढल गई।

वादा करके मोहन नहीं आया,

आँखो में कई राते ढल गयी,

वादा करके मोहन नहीं आया,

आँखो में कई राते ढल गई।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
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नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।