एक हज़ारों में मेरा बाबा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सेवक और दास का सबका कहना है,

एक हज़ारों में मेरा बाबा है,

सारी उमर सेवा में रहना है।

ये ना जाना दुनियां ने में हूँ क्यू उदास,

मेरी प्यारी अखियों को तेरी ही तो आस,

सुन ले सँवारे कह जो, कहना है,

एक हज़ारों में मेरा बाबा है,

सारी उमर सेवा में रहना है।

जब तक ना पहुँचा था तेरे दर हुज़ूर

तब तक मेरे जीवन में था ग़म का शुरुर,

अब जो मिला है तू मन में चैना है,

एक हज़ारों में मेरा बाबा है,

सारी उमर सेवा में रहना है।

बाबा देख में तो तेरे चौखट की धूल,

में ना भूलूँ तुमको मुझे भी तू ना भूल,

सुख की है चाह तो दुःख भी सहना है,

एक हज़ारों में मेरा बाबा है,

सारी उमर सेवा में रहना है।

तेरे प्रेमी दुःख से कभी डरते नहीं है,

तख़लीफ़ो से बच के गुज़रते नहीं है,

सेवक का तेरे बस इतना कहना है,

एक हज़ारों में मेरा बाबा है,

सारी उमर सेवा में रहना है।

सेवक और दास का सबका कहना है,

एक हज़ारों में मेरा बाबा है,

सारी उमर सेवा में रहना है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।