हरे तीन पतों मे क्या बल है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हरे तीन पतों मे क्या बल है जिसमे भोला मगन है,

भोला मगन है भोला मगन है,

हरे तीन पतों मे क्या बल है जिसमे भोला मगन है॥

सरयु मगन है गोमती मगन है,

गंगा में ऐसा क्या बल है जिसमे भोला मगन है,

हरे तीन पतों मे क्या बल है जिसमे भोला मगन है॥

सूरज मगन है तारे मगन है,

चंदा में ऐसा क्या बल है जिसमे भोला मगन है,

हरे तीन पतों मे क्या बल है जिसमे भोला मगन है॥

बिच्छु मगन है ततैया मगन है,

नागो में ऐसा क्या बल है जिसमे भोला मगन है,

हरे तीन पतों मे क्या बल है जिसमे भोला मगन है॥

ढोलक मगन है मजीरा मगन है,

डमरू में ऐसा क्या बल है जिसमे भोला मगन है,

हरे तीन पतों मे क्या बल है जिसमे भोला मगन है॥

लड्डू मगन है पेड़ा मगन है

भाग धतूरे में ऐसा क्या बल है जिसमे भोला मगन है,

हरे तीन पतों मे क्या बल है जिसमे भोला मगन है॥

शाल मगन है दुशाला मगन है,

बाघम्बर में ऐसा क्या बल है जिसमे भोला मगन है,

हरे तीन पतों मे क्या बल है जिसमे भोला मगन है॥

गणपति मगन है कार्तिक मगन है,

गौरा में ऐसा क्या बल है जिसमे भोला मगन है,

हरे तीन पतों मे क्या बल है जिसमे भोला मगन है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।