जन्मया जन्मया कृष्ण कन्हैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जन्मया जन्मया कृष्ण कन्हैया,

यशोदा मैया लाड लडावे जी,

यशोदा मैया लाड लडावे जी...निरखकर और इतरावे जी,

जन्मया जन्मया कृष्ण कन्हैया,

यशोदा मैया लाड लडावे जी॥

पगा म पायल की झणकार,

सुणके मुड़के नन्द दुलार,

यशोदा ओल लुक छीप देख.. कन्हैया ने मुस्कावे जी,

जन्मया जन्मया कृष्ण कन्हैया,

यशोदा मैया लाड लडावे जी॥

आंगण खुशियाँ रो अम्बार,

सूरज चाँद करे दीदार,

चौबारा में भीड़ अपार... ओ सगलां दर्शन चावे जी,

जन्मया जन्मया कृष्ण कन्हैया,

यशोदा मैया लाड लडावे जी॥

कणकती सोना री चमके छ,

माथं मोर मुकुट दमके छ,

भोला शंकर दर्शन खातिर.. जोगी रूप बनावे जी,

जन्मया जन्मया कृष्ण कन्हैया,

यशोदा मैया लाड लडावे जी॥

बधाई बांट छ गोपाल,

नन्द जी दैवे मोहर उछाल,

सोनी नजर नही लग जावे.. लूण राई वारे जी,

जन्मया जन्मया कृष्ण कन्हैया,

यशोदा मैया लाड लडावे जी.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।