मधुबन चली जाऊंगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मधुबन चली जाऊंगी बाबा वैध बने सरकारी,

मधुबन चली जाऊंगी कन्हैया वैध बने सरकारी॥

पहली नबज मेरी सास की देखो,

इनके कछु ना है इनके चरखा की है बीमारी,

मधुबन चली जाऊंगी कन्हैया वैध बने सरकारी॥

दुजी नबज मेरी जिठनी कि देखो,

इनके कछु ना है इनके न्यारे की है बीमारी,

मधुबन चली जाऊंगी कन्हैया वैध बने सरकारी॥

तीजी नबज मेरी दयोरानी की देखो,

इनके कछु ना है इनके रोटीन की है बीमारी,

मधुबन चली जाऊंगी कन्हैया वैध बने सरकारी॥

चौथी नबज मेरी ननंद की देखो,

इनके कछु ना है इनके गोने की है बीमारी,

मधुबन चली जाऊंगी कन्हैया वैध बने सरकारी॥

पांचवी नबज मेरी खुद की देखो,

मेरे कछु ना है मेरे सत्संग की है बीमारी,

मधुबन चली जाऊंगी कन्हैया वैध बने सरकारी॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।