मुझे गणपत मिल गए थे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मुझे गणपत मिल गए थे,

कल रात सोते सोते,

फिर बीती रात मेरी,

उससे बात होते होते,

मुझे गणपत मिल गए थे।

मुझे याद है अभी भी,

वो रात का जो नज़ारा,

गणपत जी सामने थे,

आभास होते होते,

मुझे गणपत मिल गए थे।

जैसे सामने ही ये मूरत,

वैसे ही मैंने देखी,

मैं तो चरणों में पड़ी थी,

यु निहाल होते होते,

मुझे गणपत मिल गए थे।

वो गीले, वो सारे शिकवे,

जो जरा मैं उनसे कहती,

सब भूलते ही तो जाते,

मुझे याद होते होते,

मुझे गणपत मिल गए थे।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।