कर ले भजन तू भाव से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कर ले भजन तू भाव से,

ये रात हो ना हो,

कल का है आसरा क्या,

यूँ बात हो ना हो,

कर ले भजन तु भाव से।।

कीर्तन की एक रात ये,

मिलती नसीब से,

दीखता है हमको सांवरा,

इतने करीब से,

यूँ रूबरू मिलन की फिर,

सौगात हो ना हो,

कल का है आसरा क्या,

यूँ बात हो ना हो,

कर ले भजन तु भाव से।।

तू सांवरे को प्रेम से,

जी भर निहार ले,

सब गलतियों को मान ले,

जीवन सुधार ले,

किरपा की जाने फिर कभी,

बरसात हो ना हो,

कल का है आसरा क्या,

यूँ बात हो ना हो,

कर ले भजन तु भाव से।।

मेवों से ना मिष्ठान से,

पकवान से नहीं,

ये रीझता वही पे है,

गर हो भजन कहीं,

‘गुलशन’ लगा ले हाजरी,

औकात हो ना हो,

कल का है आसरा क्या,

यूँ बात हो ना हो,

कर ले भजन तु भाव से।।

कर ले भजन तू भाव से,

ये रात हो ना हो,

कल का है आसरा क्या,

यूँ बात हो ना हो,

कर ले भजन तु भाव से।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।