बांके बिहारी मेरे दिल मे बस गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बांके बिहारी मेरे मन ने बस गया रे,

अब तो लागे सबकुछ नया नया रे,

बांके बिहारी मेरे मन ने बस गया रे.....

पहले कहा थी, दिल में उलझन सी,

किसने बजाई प्रेम की यह बंसी,

क्या मैं कहु....

जादू सा चल गया रे,

बांके बिहारी मेरे मन ने बस गया रे.....

रात को जागू, नीद मे सोई रहू,

किन सपनो में खोई खोई रहू,

फुलों का गजरा कैसे बिखर गया रे,

बांके बिहारी मेरे मन ने बस गया रे.....

गांव मे सारे जने प्यार की बाते,

मुझसे पुछे बेदर्दी तेरी बातें,

क्या यह हुआ होश मेरा किधर गया रे,

बांके बिहारी मेरे मन ने बस गया रे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।