दीप जलेंगे घर घर में

पारंपरिक
श्री राम आरती राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

( गर्व है मुझे अपने धर्म पर

जहा भगवान् का नाम लेकर

नारियल फोड़ा जाता है बम नहीं। )

जय श्री राम जय श्री राम बोलो जय श्री राम……….

दीप जलेंगे घर घर में अब,

जाएंगे सब भारती,

बोलो राम लला की आरती,

भैया राम लला की आरती,

राम लला की आरती....

अयोध्या नगरी हुई थी पावन,

जब जन्मे श्री नारायण,

जय श्री राम जय श्री राम,

बोलो जय श्री राम जय श्री राम....

बात नहीं ये भुलाने वाली,

लड्डू का भोग चढ़ाएंगे,

बोलो राम लला की आरती,

भैया राम लला की आरती,

राम लला की आरती....

दीपो का त्यौहार है प्यारा,

झूठ पे है ये सत्य का नारा,

जय श्री राम जय श्री राम,

बोलो जय श्री राम जय श्री राम....

ढोल मजीरे बजाके हम सब,

जीत की ख़ुशी मनाएंगे,

बोलो राम लला की आरती,

भैया राम लला की आरती,

राम लला की आरती....

दीप जलेंगे घर घर में अब,

जाएंगे सब भारती,

बोलो राम लला की आरती,

भैया राम लला की आरती,

राम लला की आरती....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।