जब भी तुझको वक़्त मिले

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जब भी तुझको वक़्त मिले रे,

जब भी तुझको वक़्त मिले रे,

राम नाम दोहराना,

जिंदगी का क्या है ठिकाना,

जिंदगी का क्या है ठिकाना,

जब भी तुझको वक़्त मिले रे.....

ये जीवन कागज की पुड़िया,

ये जीवन कागज की पुड़िया,

हवा चले उड़ जाना,

जिंदगी का क्या है ठिकाना,

जिंदगी का क्या है ठिकाना.....

ये जीवन माटी की मूरत,

ये जीवन माटी की मूरत,

बून्द पड़े घुल जाना,

जिंदगी का क्या है ठिकाना,

जिंदगी का क्या है ठिकाना.....

ये जीवन जंगल की लकड़ी,

ये जीवन जंगल की लकड़ी,

आग लगे जल जाना,

जिंदगी का क्या है ठिकाना,

जिंदगी का क्या है ठिकाना.....

राम नाम बस साँचा नाम है,

राम नाम बस साँचा नाम है,

झूठा है सारा ज़माना,

जिंदगी का क्या है ठिकाना,

जिंदगी का क्या है ठिकाना......

कहे ऐजाज सुनों मेरे भाई,

कहे ऐजाज सुनों मेरे भाई,

दीपक के संग गुनगुनाना,

जिंदगी का क्या है ठिकाना,

जिंदगी का क्या है ठिकाना,

जब भी तुझको वक़्त मिले रे,

जब भी तुझको वक़्त मिले रे,

राम नाम दोहराना,

जिंदगी का क्या है ठिकाना,

जिंदगी का क्या है ठिकाना,

जब भी तुझको वक़्त मिले रे........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।