मेरा मिलन करादो श्री राम से

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सागर पार से सीता का समाचार लाने वाले,

हनुमान जी तुम, राम जी के काम आने वाले,

मैंने बोला है..

मैंने बोला है प्रसाद तेरे नाम से,

मेरा मिलन करा दो श्री राम से.....

हे राम सिया के प्यारे, इक जोगण तुम्हे पुकारे,

विश्वास हैं मेरा प्रियतम, मिल जायेगा तुम्हारे द्वारे,

संकट मोचन संकट हर दो, मंगल के दिल मंगल कर दो,

संकट मोचन संकट हर दो, मंगल के दिल मंगल कर दो,

खाली हाथ ना लौटूँगा मैं तेरे धाम से,

खाली हाथ ना लौटूँगा मैं तेरे धाम से,

मेरा मिलन करा दो श्री राम से,

मेरा मिलन करा दो श्री राम से…………

वो माने या ना माने, मैंने मान लिया उसे अपना,

वही मेरा जीवन साथी, वही मेरे प्राण का सपना,

बिछड़े मीत मिलाने वाले, सबका काज बनाने वाले,

बिछड़े मीत मिलाने वाले, सबका काज बनाने वाले,

बड़ी आस लेके आया हूँ मैं राम से,

बड़ी आस लेके आया हूँ मैं राम से,

मेरा मिलन करा दो श्री राम से,

मेरा मिलन करा दो श्री राम से……….

मंगल मूरत मारुती नंदन, सकल मूल निकंदन,

दुनियाँ के नायक रघुनायक, दशरथ कौशल्या के नंदन,

मंगल मूरत मारुती नंदन, सकल मूल निकंदन,

दुनियाँ के नायक रघुनायक, दशरथ कौशल्या के नंदन,

चारों जग प्रताप तुम्हारा, है प्रशिद्ध जगत उजियारा,

चारों जग प्रताप तुम्हारा, है प्रशिद्ध जगत उजियारा,

गुरु बृजमोहन,

गुरु बृजमोहन, देवेंद्र भी लग जाए काम से,

मेरा मिलन करा दो श्री राम से,

मेरा मिलन करा दो श्री राम से,

सागर पार से सीता का समाचार लाने वाले,

हनुमान जी तुम, राम जी के काम आने वाले,

मैंने बोला है..

मैंने बोला है प्रसाद तेरे नाम से,

मेरा मिलन करा दो श्री राम से.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।