कोई राम का दीवाना तो बनो

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

कोई राम का, दीवाना तो बनो,

कोई राम का, दीवाना तो बनो,

कोई दीवाना तो बनो, कोई मस्ताना तो बनो,

कोई राम का, दीवाना तो बनो,

कोई राम का, दीवाना तो बनो.....

राम नाम की ऐसी महिमा, मुझसे कहीं ना जाए,

प्रभु राम की ऐसी महिमा, मुझसे कही ना जाए,

राम बलि अवतार लिए हैं, कण कण में समाये,

कोई राम का, दीवाना तो बनो,

कोई राम का, दीवाना तो बनो......

राम नाम की ऐसी महिमा, पानी में पत्थर चलाये,

प्रभु राम की ऐसी महिमा, पानी में पत्थर चलाये,

राम नाम पत्थरों पर लिखकर,

राम नाम पत्थरों पर लिखकर, सेतु बाँध बनवाये,

कोई राम का, दीवाना तो बनो,

कोई राम का, दीवाना तो बनो......

राम नाम की ऐसी महिमा पत्थर से बन गई नारी,

नजर लगी श्री राम कृपा की,

नजर लगी श्री राम कृपा की, बनी अहिल्या नारी,

कोई राम का, दीवाना तो बनो,

कोई राम का, दीवाना तो बनो......

राम नाम की ऐसी महिमा, हनुमत ने दर्शन पाए,

प्रभु राम की ऐसी महिमा, हनुमत ने दर्शन पाए,

वारि जाऊं हनुमान प्यारे,

वारी जाऊं हनुमान प्यारे, सीना फाड़ दिखाए,

कोई राम का, दीवाना तो बनो,

कोई राम का, दीवाना तो बनो.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।