मेरी मईया के दरबार आता जग सारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी मईया के दरबार, हां दरबार.. आता जग सारा।।

मईया के सिर पे मुकुट बिराजे,

मुकुट बिराजे, मुकुट बिराजे,

मेरी मईया के दरबार, हां दरबार.. आता जग सारा।।

मईया के हाथ में कंगना साजे,

कंगना साजे, कंगना साजे,

मेरी मईया के दरबार, हां दरबार.. आता जग सारा।।

मईया के पैरों में पायल साजे,

पायल साजे, पायल साजे,

मेरी मईया के दरबार, हां दरबार.. आता जग सारा।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।