रंग दे कन्हैया मेरी लाल चुनरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रंग दे कन्हैया मेरी लाल चुनरिया,

लाल चुनरिया मेरी लाल चुनरिया,

रंग दे कन्हैया मेरी लाल चुनरिया॥

ऐसा रंग रंगियो जिहड़ा, मिरा जी नु रंगिया,

धोवी धोवे पावे सारी उमरिया,

बिना रंगाऐ में घर नही जाउ गी,

बित जाए चाहे पुरी उमरिया,

रंग दे कन्हैया मेरी लाल चुनरिया॥

ऐसा रंग रंगियो जिहड़ा, बिलनी जी नु रंगिया,

धोवी धोवे पावे सारी उमरिया,

बिना रंगाऐ में घर नही जाउ गी,

बित जाए चाहे पुरी उमरिया,

रंग दे कन्हैया मेरी लाल चुनरिया॥

ऐसा रंग रंगियो जिहड़ा, द्रौपदी जी नु रंगिया,

धोवी धोवे पावे सारी उमरिया,

बिना रंगाऐ में घर नही जाउ गी,

बित जाए चाहे पुरी उमरिया,

रंग दे कन्हैया मेरी लाल चुनरिया॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।