रे मन भज ले तू हरि नाम

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

रे मन भज ले तू हरि नाम॥

तेरे बन जाएंगे बिगड़े काम

मन के भरम में उलझा रहा तूँ

प्रभु को ना पहचान सका

भाग्य-विधाता कर्म है तेरा

इतना भी ना जान सका

अब तो मति सुधार ले अपनी

कर ले कुछ नेकी के काम

रे मन भज ले तूँ हरि नाम॥

मानव होकर मूरख तूने

कभी ना पर-उपकार किया

जनम गँवाया व्यर्थ में अपना

मन का मैल ना साफ़ किया

जीवन धन्य बना ले अपना

कर ले कुछ सेवा के काम

रे मन भज ले तूँ हरि नाम॥

।।श्री हरि अर्पणमास्तू।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।