मेरे दोनों हाथों में ऐसी लकीर है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे दोनों हाथों में ऐसी लकीर है,

तुझसे मिलन होगा मेरी तक़दीर है,

लिखा है ऐसा लेख ओ बाबा लिखा है ऐसा लेख ॥

लिखता है लिखने वाला सोच समझ के,

मिलना बिछड़ना बाबा होता समय पे,

इसमें मीन ना मेख ओ बाबा इसमें मीन ना मेख,

लिखा है ऐसा लेख ओ बाबा लिखा है ऐसा लेख

मेरे दोनों हाथों में......

किस्मत का लेख कोई मिटा नहीं पायेगा,

कैसे मिलन होगा समय ही बताएगा,

मिटती नहीं है रेख ओ बाबा मिटती नहीं है रेख,

मेरे दोनों हाथों में......

ना वो दिन रहे ना ये दिन रहेंगे,

बनवारी देख लेना जल्द ही मिलेंगे,

इन हाथों को देख ओ बाबा इन हाथों को देख,

लिखा है ऐसा लेख ओ बाबा लिखा है ऐसा लेख,

मेरे दोनों हाथों में.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।