सांवरे रखना मेरा ध्यान

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कलयुग के अवतार मेरे श्याम लखदातार,

तुम बन के पालनहार सांवरे रखना मेरा ध्यान तुम रखना मेरा ध्यान,

मिलता रहे हर बार मुझे तुमसे पिता का प्यार,

सांवरे रखना मेरा ध्यान तुम रखना मेरा ध्यान ॥

बाबा मेरे जीवन में छाया है कैसा मौसम,

जहाँ चारों और निराशा और पल खुशियों के हैं कम,

मैं हारा तू सहारा अब तुम्हे पुकारे हम,

नैया है मझधार तूफ़ान में गुम पतवार,

तुम बन के खेवनहार सांवरे रखना मेरा ध्यान,

तुम रखना मेरा ध्यान.....

सूरज चंदा के जैसे दो दीप मेरे आँगन के,

बेवक़्त ही तेज़ हवाएं उन्हें बुझा गई जीवन से,

अब अँधेरा ही अँधेरा बस रहा है मेरे मन में,

दुखियों के दातार अब श्याम तेरी दरकार,

तुम बना के मेरा परिवार सांवरे रखना मेरा ध्यान,

तुम रखना मेरा ध्यान......

मैंने ये सूना मिट जाती तेरे द्वार से हर मजबूरी,

तुम साथी बनकर करते मन की आशाएं पूरी,

भक्तों के रखवाले फिर हम से है क्यों दूरी,

किस्मत मेरी संवार ना भूलूँ तेरा उपकार,

अब अर्ज़ी एहि हर बार सांवरे रखना मेरा ध्यान,

तुम रखना मेरा ध्यान......

कलयुग के अवतार मेरे श्याम लखदातार,

तुम बन के पालनहार सांवरे रखना मेरा ध्यान तुम रखना मेरा ध्यान,

मिलता रहे हर बार मुझे तुमसे पिता का प्यार,

सांवरे रखना मेरा ध्यान तुम रखना मेरा ध्यान ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।