बचपन से खाटू आया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मम्मी ये बतला दे तू,

बात ये समझा दे तू,

बचपन से खाटू आया,

भूल कैसे जाऊं मैं,

मम्मी ये बतला दे तू,

बात ये समझा दे तू,

बचपन से खाटू आया,

भूल कैसे जाऊं मैं,

कहना तेरा मानकर,

आँचल तेरा थाम कर,

श्याम जी का दर्शन पाया,

भूल कैसे जाऊं मैं,

बचपन से खाटू आया,

भूल कैसे जाऊं मैं………

टॉफी चॉकलेट मांगी नहीं,

माँगा ना खिलौना,

जब जब भी रोया,

तेरा प्यारा सा सलौना,

प्यार से दुलार से,

मुझे पुचकार के,

चूरमा खिलाया तूने,

भूल कैसे जाऊं मैं,

बचपन से खाटू आया,

भूल कैसे जाऊं मैं………….

जब जब भी आई मेरी,

कोई भी परीक्षा,

तूने ही तो दी थी मुझको,

बस यही शिक्षा,

मेहनत मेरे साथ है,

सर पर श्याम का हाथ है,

अच्छे अच्छे नंबर पाया,

भूल कैसे जाऊं मैं,

बचपन से खाटू आया,

भूल कैसे जाऊं मैं……………

जब जब भी बड़ी,

कोई मुश्किल है आई,

पापा ने फिर सांवरे की,

ज्योति है जगाई,

पापा जी के संग में,

सांवरे के रंग में,

हमने भी भजन गाया,

भूल कैसे जाऊं मैं,

बचपन से खाटू आया,

भूल कैसे जाऊं मैं…………

तुमने ही सांवरे की,

लगन लगाईं,

‘रोमी’ की बाबा जी से,

प्रीत बढ़ाई,

तेरे संस्कार हैं,

सांवरे से प्यार है,

बाबा ने मुझको अपनाया,

भूल कैसे जाऊं मैं,

बचपन से खाटू आया,

भूल कैसे जाऊं मैं…………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।